नोएडा : नोएडा में उत्तर प्रदेश एटीएस ने एक अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का खुलासा किया है, जिसके जरिए बड़े स्तर पर साइबर ठगी को अंजाम दिया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क विदेशों से आने वाली कॉल्स को लोकल नंबर में बदलकर लोगों को धोखा देने का काम कर रहा था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी VoIP तकनीक का इस्तेमाल कर रहे थे। इस तकनीक की मदद से अंतरराष्ट्रीय कॉल्स को इस तरह रूट किया जाता था कि वे भारतीय लोकल नंबर से आती हुई प्रतीत हों। इससे कॉल करने वाले की वास्तविक लोकेशन छिप जाती थी और आम लोग आसानी से ठगी का शिकार हो जाते थे।
छापेमारी के दौरान मौके से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सर्वर और नेटवर्क डिवाइस बरामद किए गए हैं। यह सेटअप एक छोटे टेलीफोन एक्सचेंज की तरह काम कर रहा था, जिसमें सिम बॉक्स और अन्य तकनीकी उपकरणों के जरिए कॉल्स को नियंत्रित किया जाता था
जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह का संचालन डिजिटल माध्यमों के जरिए किया जा रहा था। व्हाट्सऐप और ईमेल जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर नेटवर्क को संचालित किया जाता था।
एटीएस ने तकनीकी निगरानी और आईपी एड्रेस ट्रैकिंग के आधार पर इस पूरे रैकेट का पता लगाया। हालांकि, इस मामले का मुख्य आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है। एजेंसियों को आशंका है कि इस नेटवर्क के तार अन्य राज्यों और विदेशों से भी जुड़े हो सकते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज न केवल आर्थिक अपराध को बढ़ावा देते हैं, बल्कि देश की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकते हैं। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

